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२२ जून से २४ जून २०१८ तक ऋषभदेवपुरम मांगीतुंगी में लघु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया गया है |

प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें |

केवली

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केवली- जब भगवान महावीर स्वामी मोक्ष पधारे हैं, तब चतुर्थ काल (दुषमा-सुषमा) के अंत में तीन वर्ष आठ महीने और पंद्रह दिन बाकी थे। उसी दिन गौतम स्वामी को केवलज्ञान उत्पन्न हो गया, वे बारह वर्ष तक केवली रहे, मतलब आठ वर्ष और साढ़े तीन महीने तक वे पंचम काल में केवलीपद में विहार करते रहे हैं। ”वास्तव में चतुर्थ काल के जन्मे हुए पंचम काल में मोक्ष जा सकते हैं किन्तु पंचमकाल के जन्में हुए पंचम काल में मोक्ष नहीं जा सकते हैं।