चतुर्विंशतिस्तव

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चतुर्विंशतिस्तव
Eulogy of 24 Tirthankars (Jaina-Lords).

अंगबाह्य श्रुत के १४ प्रकीर्णकों में एक प्रकीर्णक , तीर्थंकरों के गुणों का कीर्तन करना ।