ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की प्राचीन शिष्या परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के ससंघ सानिध्य में मुंबई के जैनम हाँल में दशलक्षण पर्व के शुभ अवसर पर 24 कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन धूमधाम से मनाया जायेगा|सभी महानुभाव विधान का लाभ लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें|
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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 24 और 25 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं वैय्यावृत्त्यकरण भावनायै नमः"

दस लक्षण धर्म सम्बंधित भजन

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पर्व दश लक्षण आया

क्षमा धर्म से अपनी

धर्म मार्दव को जिसने

हे नाथ आपसे मैं वरदान एक

सत्य धर्म जब पालन होगा

जिस गति में ने उत्तम

उत्तम संयम के पालन से

हे वीतराग

त्याग लेने का मन करता है

धार अकिंचन धर्म

ब्रह्मचर्य व्रत को निभाना

दश धर्मों के पुण्यों से

गौतम गंधर की वाणी सुनो

गौतम गंधर वाणी

ए होली मेसेज हैज कम

दे दी जगत को ज्ञानमती मात सी मिसाल

मांगी तुंगी सिद्ध क्षेत्र पर

जन्म जयंती का आया है शुभ अवसर

जयति जय ज्ञानमती जी

पंचम काल में पहला स्वर्णिम

सबसे ऊँची प्रतिमा हमे