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परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का 16/12/2018 रविवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में होगा मंगल प्रवेश ।

पद्मप्रभ

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श्री पद्मप्रभ भगवान

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जन्मभूमि - कौशाम्बी (जिला-कौशाम्बी) उत्तर प्रदेश

पिता - महाराजा धरणराज

माता - महारानी सुसीमा

वर्ण - क्षत्रिय

वंश - इक्ष्वाकु

देहवर्ण - पद्मरागमणि सदृश

चिन्ह - लाल कमल

आयु - तीस लाख पूर्व वर्ष

अवगाहना - एक हजार हाथ

गर्भ - माघ कृ.६

जन्म - कार्तिक कृ. १३

तप - कार्तिक कृ.१३

दीक्षा-केवलज्ञान वन एवं वृक्ष - मनोहर वन (प्रभाषगिरि) एवं प्रियंगुवृक्ष

प्रथम आहार - वद्र्धमान नगर के राजा सोमदत्त द्वारा (खीर)

केवलज्ञान - चैत्र शु.१५

मोक्ष - फाल्गुन कृ.४

मोक्षस्थल - सम्मेद शिखर पर्वत

समवसरण में गणधर - श्री वज्रचामर आदि ११०

समवसरण में मुनि - तीन लाख तीस हजार

समवसरण में गणिनी - आर्यिका रतिषेणा

समवसरण में आर्यिका - चार लाख तीस हजार

समवसरण में श्रावक - तीन लाख

समवसरण में श्राविका - पांच लाख

जिनशासन यक्ष - कुसुमदेव

जिनशासन यक्षी - मनोवेगा देवी

भगवान पद्मप्रभ वर्तमान वीर नि.सं. २५३४ से ३९४९४ वर्ष कम बीस लाख करोड़ सागर पहले मोक्ष गए हैं।