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20 फरवरी को प्रातः जैनबाग डालीगंज लखनऊ में पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में मानस्तम्भ अभिषेक का आयोजन किया गया है ।

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें पू.श्री ज्ञानमती माताजी एवं श्री चंदनामती माताजी के प्रवचन |

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पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के लखनऊ प्रवेश की फ्लशिंग न्यूज़


केशलोंच की मंगल बेला


  • कानपुर* शहर को मिला सौभाग्य-युगश्रेष्ठ गुरु माँ गणिनी प्रमुख *श्री ज्ञानमती माताजी के आज किया केशलोंच।* 10-2-2019, रविवार, आनन्दपुरी, कानपुर। *अवश्य देखें*👆
संत विहार अपडेट


संत विहार अपडेट

🙏🙏🙏जय जिनेन्द्र🙏🙏🙏
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  • सप्तम पटाधीश श्री अनेकांतसागजी महामुनिराज ससंघ का मंगल विहार श्री सम्मेद शिखरजी की ओर चल रहा है | इसी के मध्य आचार्य श्री ससंघ का रीवां में मंगल प्रवास है।
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  • अन्तर्मना गुरुवर श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ का 05 फरवरी को मुंबई महानगर से श्री सिद्धक्षेत्र मांगीतुंगी की ओर मंगल विहार चल रहा है | इसी के मध्य संघ का मंगल आगमन अंजनगिरी तीर्थ पर दिनांक 12 फ़रवरी को सुबह ८:०० बजे होने जा रहा है एवं 15 फ़रवरी को गजपंथा होते हुए 24 फ़रवरी को मांगीतुंगी में मंगल प्रवेश की संभावना है।
अयोध्या कार्यक्रम


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विधान


मनोकामना सिद्धि विधान

Bhag. Mahavir-1.JPG

दर्शन से जिनके कटते हैं पाप, पूजन से मिटते हैं सब संताप,
मूरत सुहानी है-तेरी महावीरा, छवि जगन्यारी है-प्रभु महावीरा।।टेक.।।

भक्ति करके तेरी, मैं संताप मन का मिटाऊँ।
अपने मन में तेरी, प्रतिमा नाथ कैसे बिठाऊँ।।
तुम भगवन्, अतिपावन,
महिमा निराली है-तेरी महावीरा, छवि जग न्यारी है-तेरी महावीरा।।१।।

आज इस मण्डल पर, स्थापित करूँ नाथ! तुमको।
अपने मन मंदिर में, स्थापित करूँ नाथ! तुमको।।
तुम भगवन्, अतिपावन,
महिमा निराली है-तेरी महावीरा, छवि जग न्यारी है-प्रभु महावीरा।।२।।

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गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी


सम्यग्ज्ञान पत्रिका


आगमदर्पण


श्री ज्ञानमती स्तुति:


गणिनीप्रमुख आर्यिकारत्न श्री ज्ञानमती स्तुति:

डॉ. पं. दामोदर जी शास्त्री, दिल्ली
छंद—शार्दूलविक्रीडित

यस्या आप्तजिनोक्तधर्मविषया श्रद्धा दृढा कीत्र्यते,
यज्ज्ञानं बहुशास्त्रवारिधि—तलस्र्पिश प्रसिद्धं भुवि।
चारित्रं च यदीयमस्ति विमलं तीर्थंकराज्ञानुगम् ,
भक्त्याहं प्रणमामि लोकमहितां तां ज्ञाज्ञमत्र्याियकाम्।।१।।

शास्त्राधीति परप्रबोधककथा व्याख्यानरूपादिभि:,
स्वाध्याय प्रमुखैस्तपोभिरखिलै: सच्चर्यया पूतया।
नित्यं स्वात्महिते रताऽपि कुरुते भव्योपकारं च या,
भक्त्याहं प्रणमामि लोकमहितां तां ज्ञानमत्र्याियकाम्

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गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी मंगल विहार सूचना


  • पूज्य माताजी का मंगल विहार अयोध्या होते हुए जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर की ओर सानंद चल रहा है।
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  • दिनांक 19 फरवरी को परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का जैनबाग डालीगंज, लखनऊ में भव्य मंगल प्रवेश एवं अभिन्दन समारोह सम्पन्न हुआ |
  • 20 फरवरी को पूज्य माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में प्रातः से मानस्तम्भ अभिषेक एवं शिखर शिलान्यास तथा प्रशस्ति भेंट। अतः आप सभी पूज्य माताजी के दर्शन हेतु पधारकर धर्म लाभ ले !
  • दिनांक 21 फरवरी भगवान शान्तिनाथ का पंचामृत अभिषेक एवं आहार चर्या पश्चात लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए विहार।
राजधानी लखनऊ में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश !


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भगवान ऋषभदेव विश्वशांति वर्ष मनाएँ


भगवान ऋषभदेव विश्वशांति वर्ष मनाएँ

(चैत्र कृ. नवमी-१० मार्च २०१८ से चैत्र कृ. नवमी-२९ मार्च २०१९)
प्रेरणा-भारतगौरव दिव्यशक्ति शारदे माँ गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
        
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आज हम सभी वर्तमान विश्व में उपस्थित आतंकवाद, हिंसा, विनाश, अशांति, परस्पर शत्रुता, विद्वेष, बदला लेने की भावना आदि विकृतियों से ग्रसित हो रही मानवता को दृष्टिगत कर रहे हैं। ‘अहिंसामयी शाश्वत धर्म’ का शीतल जल ही इन अग्नि ज्वालाओं के उपशमन में सहयोगी हो सकता है, यही तीर्थंकर भगवन्तों की सदाकाल से देशना रही है। व्यक्तिगत एवं सामाजिक रूप से की गई धर्माराधना, मंत्रानुष्ठान, विधि-विधान भी सम्पूर्ण वातावरण को प्रभावित करके क्षेम-सुभिक्ष-शांति-सौहार्द की स्थापना करने में अत्यन्त कार्यकारी होते हैं, यह परम सत्य है।

      इन्हीं विश्वकल्याणकारी भावनाओं से ओतप्रोत होकर भारतगौरव, दिव्यशक्ति, परम उपकारी परमपूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ऋषभगिरि-मांगीतुंगी में विराजमान विश्व के सर्वाधिक उत्तुंग १०८ फुट भगवान ऋषभदेव के श्रीचरणों में स्थित होकर भगवान ऋषभदेव जन्मजयंती, चैत्र कृ. नवमी, १० मार्च २०१८ के पावन अवसर पर ‘भगवान ऋषभदेव विश्वशांति वर्ष’ मनाने की प्रेरणा प्रदान की है, जो आने वाली ऋषभ जयंती, चैत्र कृ. नवमी, २९ मार्च २०१९ तक हम सबको व्यक्तिगत शांति, सामाजिक शांति, राष्ट्रीय शांति एवं विश्वशांति हेतु जागृत होकर अपना-अपना योगदान प्रदान करने हेतु कटिबद्ध कर रहा है। आइये हम भी विश्वशांति के इस महा आयोजन में किसी न किसी रूप में अपना सहयोग प्रदान कर पुण्यलाभ प्राप्त करें।

विश्वशांति वर्ष मनाने की रूपरेखा-

(१) विश्वशांति हेतु जाप्य (मंत्र-ॐ ह्रीं विश्वशांतिकराय श्री ऋषभदेवाय नम:)
(२) भगवान ऋषभदेव मण्डल विधान
(३) णमोकार महामंत्र अथवा भक्तामर महास्तोत्र का अखण्ड पाठ (अपने समयानुसार)
(४) भगवान ऋषभदेव पर संगोष्ठी

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डाक्यूमेंट्री


ऋषभगिरि (महा.) डाक्यूमेंट्री क्लिप

भजन


तीरथयात्रा का पुण्य विशाल है

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तीरथयात्रा का पुण्य विशाल है, इसकी दूजी न कोई मिशाल है।
इससे आत्मा बनेगी परमात्मा, भवसागर से होकर पार है।।टेक.।।


कोई गंगा को तीरथ कह, उसमें डुबकी लगाते हैं।
कोई संगम तट पर जाकर, निज को शुद्ध बनाते हैं।।
सच्चे तीरथ की कीरत विशाल है, इसकी दूजी न कोई मिशाल है।
इससे आत्मा बनेगी परमात्मा, भवसागर से होकर पार है।।१।।


सत्य अहिंसा करुणा की, नदियाँ जहां कल कल बहती हैं।
उनमें पापों के क्षालन को, जनता आतुर रहती है।।
वही तीरथ अलौकिक विशाल है, इसकी दूजी न कोई मिशाल है।
इससे आत्मा बनेगी परमात्मा, भवसागर से होकर पार है।।२।।

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प्रेरक विचार


नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर...

ज्ञानमती माताजी के चातुर्मास


ज्ञानमती माताजी के चातुर्मास

Chaturmas1953-2018.jpg


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आज का दिन - २० फ़रवरी २०१९ (भारतीय समयानुसार)


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दिनाँक २० फरवरी,२०१९
तिथी- फाल्गुन कृष्ण १
दिन-बुधवार
वीर निर्वाण संवत- २५४५
विक्रम संवत- २०७५

सूर्योदय ०६.५९
सूर्यास्त १८.१०


अथ फाल्गुन मास फल विचार

षोडषकारण व्रत पूर्ण
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अयोध्या विहार 2018


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०-९ अं
परिमार्जित क्ष त्र ज्ञ श्र अः


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