ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की प्राचीन शिष्या परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के ससंघ सानिध्य में मुंबई के जैनम हाँल में दशलक्षण पर्व के शुभ अवसर पर 24 कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन धूमधाम से मनाया जायेगा|सभी महानुभाव विधान का लाभ लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें|
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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 24 और 25 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं वैय्यावृत्त्यकरण भावनायै नमः"

श्रेणी:सम्यग्ज्ञान पत्रिका

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सम्यग्ज्ञान मासिक पत्रिका का प्रकाशन सन १९७४ में पूज्य गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान द्वारा होना शुरू हुवा| तब से यह प्रकाशन निरंतर सभी धर्मप्रेमियों को चारों अनुयोगों , अागमोक्त लेखों तथा विभिन्न समाचारों से लाभान्वित कर रहा है----

The monthly magazine " Samayakgyan " was started by Digambar Jain Trilok Sansthan in 1974 by the inspiration of Pujya Ganini Shri Gyanmati Mataji. Since then, this publication is continuous to illuminate the path of lacs of devotees through 4 Anuyogas, Scriptural Articles, Various news & a lot..

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