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गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का जन्मभूमि टिकैतनगर से बाराबंकी के लिये मंगल विहार 25 जून को|

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|+style="text-align:left; padding-left:10px; font-size:18px; font-color:#003366;"|गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के चातुर्मास की सूचना
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|+style="text-align:left; padding-left:10px; font-size:18px; font-color:#003366;"|गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी मंगल विहार सूचना
 
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जन्मभूमि '''टिकैतनगर बाराबंकी उत्तरप्रदेश''' में जैन समाज के हर वर्ग (बालक बालिकाएं युवा प्रौढ़)की भावनाओं को देखते हुए जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी भारत गौरव दिव्यशक्ति गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी ने सन 2019 के वर्षा योग (चातुर्मास) स्थापना के लिए 99% स्वीकृति प्रदान की।
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*'''११ नवम्बर २०१८ से  ३ मार्च २०१९ '''के मध्य भारतगौरव पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का माँगीतुंगी के १०८ फुट भगवान ऋषभदेव से जन्मभूमि अयोध्या के ३१ फुट भगवान ऋषभदेव तक '''ऐतिहासिक मंगल यात्रा पूर्ण हुई |'''
 
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*'''४ मार्च से ८ मार्च २०१९''' तक भगवन सुमतिनाथ टोंक पर पूज्य माताजी के मंगल सानिध्य में '''भव्य पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुआ |'''
ये जन्मभूमि वासियों के लिए ऐतिहासिक, स्वर्णिम और अविष्मरणीय पल हैं।
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*अयोध्या के इतिहास में प्रथम बार '''९ मार्च २०१९ को विशाल रथयात्रा निकाली गई''' एवं '''१० से २९ मार्च तक''' ३१ फुट उतुंग''' भगवान ऋषभदेव का महामस्तकाभिषेक महोत्सव सम्पन्न हुआ '''जिसमे १००० भक्तो ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया |
 
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*'''२० मार्च '''को शास्वत तीर्थ अयोध्या की भूमि से पूज्य माताजी ने ''' प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागरजी अन्तर्राष्ट्रीय मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष '''मानाने घोषणा की |
जन्मभूमिवासी पूज्य माता जी ससंघ के श्री चरणों मे कोटि कोटि नमन करते है और स्वयं को गौरवान्वित मानते है कि ऐसी महान साध्वी,साक्षात सरस्वती की अवतार,जिन धर्म रक्षिका गुरु मां के चातुर्मास का अवसर सभी को प्राप्त हो रहा है।।।
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*'''२९ मार्च को भगवान ऋषभदेव जयंती''' के उपलक्ष में श्री जी का भव्य पंचामृत अभिषेक एवं अनेक कार्यक्रम, जुलुस के साथ भक्तो ने अति हर्षोलास से जयंती महोत्सव''' पूज्य माताजी के मंगल सानिध्य में सम्पन्न किया |'''
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*<font color=green>''' ६ अप्रैल २०१९ को विक्रम सवंत के प्रथम दिन पूज्य माताजी के चरण अयोध्या से हस्तिनापुर की ओर प्रारंभ हुए इसी के मध्य १२ अप्रैल को प्रातः ७ बजे पूज्य माताजी का मंगल प्रवेश उन्हीं की जन्मभूमि टिकैतनगर (उ.प्र) में भारी धूमधाम के साथ हुआ |'''</font>
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२१:३७, १० जून २०१९ का अवतरण

गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी मंगल विहार सूचना


Vihar2018 55.jpg
  • ११ नवम्बर २०१८ से ३ मार्च २०१९ के मध्य भारतगौरव पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का माँगीतुंगी के १०८ फुट भगवान ऋषभदेव से जन्मभूमि अयोध्या के ३१ फुट भगवान ऋषभदेव तक ऐतिहासिक मंगल यात्रा पूर्ण हुई |
  • ४ मार्च से ८ मार्च २०१९ तक भगवन सुमतिनाथ टोंक पर पूज्य माताजी के मंगल सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुआ |
  • अयोध्या के इतिहास में प्रथम बार ९ मार्च २०१९ को विशाल रथयात्रा निकाली गई एवं १० से २९ मार्च तक ३१ फुट उतुंग भगवान ऋषभदेव का महामस्तकाभिषेक महोत्सव सम्पन्न हुआ जिसमे १००० भक्तो ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया |
  • २० मार्च को शास्वत तीर्थ अयोध्या की भूमि से पूज्य माताजी ने प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागरजी अन्तर्राष्ट्रीय मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष मानाने घोषणा की |
  • २९ मार्च को भगवान ऋषभदेव जयंती के उपलक्ष में श्री जी का भव्य पंचामृत अभिषेक एवं अनेक कार्यक्रम, जुलुस के साथ भक्तो ने अति हर्षोलास से जयंती महोत्सव पूज्य माताजी के मंगल सानिध्य में सम्पन्न किया |
  • ६ अप्रैल २०१९ को विक्रम सवंत के प्रथम दिन पूज्य माताजी के चरण अयोध्या से हस्तिनापुर की ओर प्रारंभ हुए इसी के मध्य १२ अप्रैल को प्रातः ७ बजे पूज्य माताजी का मंगल प्रवेश उन्हीं की जन्मभूमि टिकैतनगर (उ.प्र) में भारी धूमधाम के साथ हुआ |