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गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ टिकैतनगर बाराबंकी में विराजमान हैं |

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स्वर्णमती माताजी

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आर्यिका श्री स्वर्णमती माताजी


स्वर्णमती माताजी
Swarnamati mataji
Religion जैन
Sect दिगम्बर
बीसपन्थ
Personal
Born कु. दीपा जैन
२७ मार्च १९७०, चैत्र कृष्णा चतुर्थी
नजीबाबाद (जि.-बिजनौर) उ.प्र.
Parents
  • श्री शीतल प्रसाद जैन (father)
  • श्रीमती सरोज जैन (mother)
Religious career
Initiation by आर्यिकाशिरोमणि गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमतीमाताजी


पूर्व नाम - कु. दीपा जैन

जन्म दिनाँक - २७ मार्च १९७०, चैत्र कृष्णा चतुर्थी

जन्मस्थान - नजीबाबाद (जि.-बिजनौर) उ.प्र.

माता-पिता - श्रीमती सरोज जैन एवं श्री शीतल प्रसाद जैन, नजीबाबाद

परिवार (भाई-बहन) - एक भाई (बड़े) : श्री संतोष कुमार जैन, एम.एससी. (केमेस्ट्री), एम.ए. (इकॉनामिक्स), डिप्लोमा-पेपर एण्ड पल्प टेक्नोलॉजी(कुशलतापूर्वक स्व व्यवसाय में संलग्न)

भाभी: श्रीमती सुनीता जैन

एक बहन (छोटी): श्रीमती डा०शैफाली जैन, एम.एससी. (मैथ्स)(पी.एचडी. कार्य सम्पन्न)

बहनोई: श्री तुषार जैन (सी.ए.) (उच्च कम्पनी में कार्यरत)

भतीजा: चि. सुमित जैन, बी.टेक. (इलेक्ट्रिकल एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स)

भतीजी: कु. साल्वी जैन (अध्ययनरत)

भानजा: चि. सात्विक जैन (दूसरी कक्षा)

शैक्षणिक योग्यता

  1. एम्.एस.सी. (बायोसाइंसेज-बायोटेक्नोलॉजी) : रुड़की विश्वविद्यालय (वर्तमान I.I.T);विशेष योग्यता सहित उत्तीर्ण (७८³ से अधिक अंक)
  2. एन.सी.ई.आर.टी. (Nण्ERऊ) -दिल्ली में रिसर्च एसोसिएट (दो वर्ष हेतु)
  3. CPMT (Combined Pre Medical Test-U.P.), GATE (Graduate Aptitude Test in Engineering), Prelims of UPPCS (Provincial Civil Services UP) आदि परीक्षाएँ उत्तीर्ण कीं।
  4. सदैव प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण, १२वीं कक्षा में ‘बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड’ आदि ।
  5. विद्यार्थी जीवन में भाषण, अभिनय, कविता लेखन इत्यादि में भाग लेना ।

आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत - १९ जुलाई १९८७, पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी से (ब्र. कु. माधुरी शास्त्री -सम्प्रति पूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी की प्रेरणा से)

संघ में प्रवेश एवं दो प्रतिमा के व्रत - १९ अक्टूबर, १९९९

गृहत्याग - १ मार्च २०००, फाल्गुन कृ. एकादशी

सप्तम प्रतिमा के व्रत - १० नवम्बर २००७, कार्तिक शु. एकम्

धार्मिक अध्ययन - छहढाला, रत्नकरण्ड श्रावकाचार, द्रव्य संग्रह, तत्त्वार्थसूत्र, गोम्मटसार जीवकाण्ड,गोम्मटसार कर्मकाण्ड, कातंत्रव्याकरण, पुरुषार्थसिद्ध्उपाय, ज्ञानार्णव, पद्मनंदिपंचविंशतिका,आदिपुराण, उत्तरपुराण, मूलाचार, समयसार आदि।