राजेंद्र जैन के भजन

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मधुवन के मंदिरों में

डोली ले चले रे कहार

रंग रंगीला फाल्गुन आया

तुमसे लागी लगन

पारस नाथ जी के जयकारों से

चलो शिखर जी के शिखरों पर

सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखर का दृश्य बड़ा सुहाना

शिखर जी को प्रणाम-पार्श्वनाथ को प्रणाम

काशी में मधुरिम बधाई बजे

इस दुनिया में पारस जैसा

सम्मेद शिखर के कण कण में

तीस चौबीसी में बसे

आओ आओ जी सांवलिया पारसनाथ

श्री आदिनाथ भगवान बड़े बाबा मेरे

गुरुदेव दया करके

बन्दों परम पद आदीश्वरा

सम्पूर्ण णमोकार मंत्र