ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म क्या है?

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एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म एक मुक्त दिगम्बर जैन धर्म का ज्ञानकोष है, जो जैनसमाज की सर्वोच्च साध्वी परमपूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के पावन मार्गदर्शन में उनकी शिष्या आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी के संयोजन एवं सम्पादन में बनाया जा रहा है तथा इसमें दुनिया भर के उन अनेकों योगदानकर्ताओं द्वारा लिखा जा रहा है जो ज्ञान को बाँटने एवं उसका प्रसार करने में विश्वास रखते हैं। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के हर लेख एवं सामग्री पूर्ण अधिकृत रहे , इसका पूर्ण प्रयास किया गया है। इसके पीछे अनेकों लोगों के प्रयास एवं ज्ञान को भी सम्मिलित किया गया है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में बहुत सारे लेख स्वयंसेवकों के द्वारा किए गए सहयोगी सम्पादनों का परिणाम है।

विकि क्या है?

विकि सॉफ़्टवेयर वार्ड कुन्निगम द्वारा १९९४ में विकसित किया गया था। तब उसने विकिवेब सॉफ़्टवेयर विकसित कर इसे २५ मार्च १९९५ को www.c2.com नामक वेबसाईट पर प्रस्तुत किया था। उसने स्वयं इसके लिए विकि नाम का सुझाव दिया था। उसने यह नाम होनोलुलु द्वीप पर स्थित हवाईअड्डे के एक कर्मचारी से सुना, जिसने उसे हवाईअड्डे के दोनों सिरों के बीच चलने वाली बस विकिविकि चान्स आर टी ५२ के बारे में बताया। विकि का अर्थ हवाईयन भाषा में तेज़ गति होता है।

सामान्यत अन्तरजाल में किसी भी वेबसाईट पर कोई जानकारी देने के लिए अथवा सुरक्षित रखने के लिए हमें वेबसाईट के स्वामी से अनुमति लेनी पड़ती है परन्तु विकि एक ऎसा साफ़्टवेयर है जो सभी को किसी भी प्रकार की प्रतिबाधा से मुक्त रखकर बिना किसी तकनीकी ज्ञान एवं विशेषाधिकार के किसी भी सूचना सामग्री को जोड़ने, संशोधित करने एवं पुन: हटाने की सुविधा उपलब्ध कराता है। क्योंकि किसी विकि साफ़्टवेयर पर सूचना सामग्री डालना अत्यन्त सरल है जिस कारण यह सहयोगात्मक संलेखन के लिए एक सर्वोत्तम उपकरण है।

क्या विकि और एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म एक हैं?

विकि और एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म एक ही संस्था अथवा नाम नहीं है। चूंकि विकि साफ़्टवेयर सहयोगात्मक संलेखन के लिए एक सर्वोत्तम उपकरण है इसलिए एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म जो कि एक मुक्त ज्ञानकोष है, सूचना सामग्री जोड़ने या हटाने के लिए इसका उपयोग करता है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म केवल उन वेबसाइट्स में से एक प्रसिद्ध एवं विशाल वेबसाईट है जो विकि साफ़्टवेयर का प्रयोग करती है ।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का इतिहास

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म इण्टरनेट पर आधारित जैनधर्म का एक मुक्त ज्ञानकोष परियोजना है। यह विकि के रूप में है, यानी एक ऐसा जाल पृष्ठ जो सभी को इसका सम्पादन करने की छूट देता है।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का ७ अप्रैल, २०१३ में शुभारम्भ हुआ । यह जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर, मेरठ (उ.प्र.) द्वारा संचालित है जो एक दिगम्बर जैन संस्था है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म यह "विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के लिए, मुक्त, सर्वाधिक सम्भव गुणवत्ता वाला दिगम्बर जैनधर्म का विश्वकोश बनाने और वितरित करने का प्रयास है।"

क्या इस विकि अभियान को केन्द्र या राज्य सरकार की सहायता प्राप्त है?

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म एक दिगम्बर जैनधर्म एवं समाज की जानकारी देने वाला स्वतंत्र संगठन है जो जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर,मेरठ (उ.प्र.) द्वारा संचालित किया जाता है। यह सरकार से किसी प्रकार का कोई कोष या चन्दा प्राप्त नहीं करता है ।

क्या मुझे हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर कोई लेख आरम्भ करने से पहले पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है?

अधिकतर लोगों के बीच यह एक गलत अवधारणा है कि एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर कोई लेख लिखने के लिए हमें पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है परन्तु ऐसा नहीं है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर कोई भी लेख लिखने या सम्पादित करने के लिए आपका किसी क्षेत्र-विशेष में विशेषज्ञ होना आवश्यक नहीं है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का हर लेख सैंकड़ों योगदानकर्ताओं के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। आप जिस लेख को बहुत कम जानकारी डालकर आरम्भ करेंगे कल उसे कोई और व्यक्ति कुछ नई जानकारी डालकर बढ़ा देगा फिर कोई और, और इस प्रकार कुछ दिनों बाद वह लेख ज्ञान की छोटी-छोटी बूँदों से भरकर परिपूर्ण हो जाएगा जिससे अनेक उत्सुक पाठकों की ज्ञानरुपी प्यास बुझेगी। जिस प्रकार आप जो प्रयास किसी अन्य के लिए करेंगे जिससे उसका ज्ञानवर्धन होगा, उसी प्रकार अन्य लोग भी समान प्रयास कर अनेक लेख बनाएंगे जिससे आपका एवं कई अन्य लोगों का ज्ञानवर्धन होगा। इस प्रकार जब कई लोग स्वयं से ज्ञान की छोटी-छोटी बूँदे समर्पित करेंगे तो ज्ञान का एक ऐसा सागर बन जाएगा जिससे आने वाली समस्त पीढ़ियों के साथ हम सब की ज्ञान रूपी जिज्ञासा शान्त होगी।

मान लीजिए कि आज किसी ने एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर ज्ञानमती माताजी के ऊपर केवल एक पंक्ति का लेख लिखा । कुछ दिनों बाद जब उसे कोई श्रावक एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर देखता है तो वह उसमें कुछ और जानकारी डाल सकता है और इस प्रकार इस लेख में जानकारी बढ़ती रहेगी जिससे यह ज्ञानमती माताजी के ऊपर एक विशाल जानकारी का स्त्रोत बन जायेगा। अत:किसी भी विषय में कम जानकारी से न घबराएं, मुक्त मन से एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर लेख लिखना आरम्भ करें।

क्या एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर कोई ऐसा नियम है कि किस विषय पर लिखना है और किस विषय पर नहीं?

आप एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर दिगम्बर जैनधर्म के किसी भी विषय पर लेख लिख सकते हैं । हाँ, यह ध्यान देना है कि यह लेख ज्ञानकोष की शैली के अनुरूप हो । जिसके लिए एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर कई विकिनीतियां निर्धारित है । हाँ यह सामान्य समझ की बात है कि विवादित विषयों पर लेख बनानें से पूर्व यह सुनुश्चित कर लें कि लेख की जानकारी बिल्कुल निष्पक्ष हो। अन्य किसी लेख पर भी जानकारी निष्पक्ष होनी चाहिए, क्योंकि विकिपीडिया ज्ञान बाँटने का साधन है ना कि किसी के पक्ष-विपक्ष में दुष्प्रचार करने का ।

मेरे बनाए लेख को कई लोग सम्पादित करते है ऐसा क्यों?

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का कोई भी लेख किसी अकेले व्यक्ति से सम्बन्धित नहीं होता, बल्कि यह अनेक सदस्यों के सहयोगात्मक एवं सामूहिक योगदान का परिणाम होता है । हाँ , यदि आपके द्वारा बनाए गए लेख में कोई दूसरा सदस्य गलत जानकारी डालता है तो आप उसे हटा सकते है अथवा प्रबन्धकों की सहायता से उस अनावश्यक सामग्री को हटवा सकते हैं । आप किसी सदस्य से उसके द्वारा जोड़े गए तथ्य पर उससे लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा भी कर सकते हैं , जिस पर अन्य प्रबन्धक एवं सदस्यगण भी अपनी प्रतिक्रिया देते हैं और बहुमत के आधार पर यदि ऐसा लगता है कि वह तथ्य सही है तभी उसे लेख में रखा जाता है। विकि में कोई भी तथ्य देने के साथ सम्पादक को उसका सन्दर्भ भी देना पड़ता है अन्यथा उस जानकारी को अविश्वसनीय माना जा सकता है जब तक कि वह जन सधारण को ज्ञात तथ्य न हो तो ,जैसे सूर्य पूर्व में उगता है यह बात सभी जानते है अत: इसके लिए तथ्य देने की कोई आवश्यकता नहीं है ।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में कौन-कौन योगदान कर सकता है

कोई भी व्यक्ति जो अपनी दिगम्बर जैनिज्म से सम्बंधित ज्ञान को बाँटकर ज्ञान का प्रसार करने का इच्छुक है, इस परियोजना को अपना योगदान दे सकता है। कोई भी जो अपने ज्ञान को एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के जरिये सुरक्षित रखना चाहता है एवं उसे जन जन तक पहुँचाकर सबको लाभान्वित करने का इच्छुक है, इस परियोजना को अपना योगदान दे सकता है। इस प्रकार चाहे कोई कालेज का विद्यार्थी, इञ्जीनियर, डाक्टर, पत्रकार, किसान, व्यवसाई इत्यादि हर कोई एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म की परियोजनाओं को अपना योगदान देकर ज्ञान का प्रसार कर सकता है ।

क्या एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध है?

अभी यह हिंदी एवं अंग्रेजी में उपलब्ध है । अतः आप इन्हीं दोनों भाषाओं में से किसी पर कार्य करें ।
अन्य भाषा को प्रारम्भ करते ही हम आपको इसी पेज पर सूचना प्रदान करेंगे ।

मैं अंग्रेज़ी भाषा में प्रवीण हूँ तो मैं हिन्दी विकिपीडिया पर क्यों योगदान दूँ?

आप अंग्रेज़ी में दक्ष है तो यह बहुत प्रशंसनीय बात है परन्तु यह आपकी मातृ भाषा को त्याग देने का कारण नहीं बनना चाहिए। आप अंग्रेज़ी में उपलब्ध सूचना को एकत्रित कर उसे अपनी मातृ भाषा में दे सकते हैं जिससे उन लोगों को बहुत सहायता पहुँचेगी जो अंग्रेज़ी भाषा नहीं जानते अथवा जो लेख को अपनी मातृ भाषा में पढ़ना पसन्द करते हैं । ऐसे अनेक भारतीय हैं जो अंग्रेज़ी में दक्ष नहीं वरन् अपनी मातृ भाषा में दक्ष हैं। अंग्रेज़ी दक्ष होना या न होना किसी भी व्यक्ति को अपनी मातृ भाषा में ज्ञान बाँटने अथवा एकत्रित करने से नहीं रोकता। हिन्दी हमारी मातृ भाषा ही नहीं वरन् राष्ट्र भाषा और सर्वाधिक व्यापक भाषा भी है। अत: इसके वर्चस्व को बनाए रखने का दायित्त्व हम सब ४३ करोड़ हिन्दी भाषियों पर है और हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म ज्ञान को बचाए रखने एवं उसका प्रसार करने के लिए सर्वोत्तम स्थान है। अत: हम सब इसमें योगदान क्यों न करें? केवल इसलिए कि हम अंग्रेज़ी में प्रवीण हैं या हमें अपनी मातृ भाषा बोलने में झिझक आती है । यदि आपको झिझक आती है तो उसे दूर करने का सर्वोत्तम उपाय भी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म है क्योंकि एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर आपके योगदान के साथ हिन्दी भाषा एवं जैनधर्म का ज्ञान दोनों का प्रसार होगा और हिन्दी का जितना प्रसार होगा उतना ही आपको अपने आपको हिन्दी भाषी कहने में गर्व का अनुभव होगा, अत: जब हम अपने मित्रों से एवं परिवारजनों से निःसंकोच हिन्दी में बात कर सकते हैं तो हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर हिन्दी में योगदान करने में संकोच कैसा?

मैं हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में योगदान करना चाहता हूँ परन्तु मुझे अपने संगणक पर हिन्दी लिखनी नहीं आती

हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर हिन्दी लिखना अत्यन्त सरल है। हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया आॅफ जैनिज्म पर इसके लिये लिप्यन्तरण (ट्रान्सलिटरेशन) उपकरण उपलब्ध है जिसकी सहायता से आप सरलता से हिन्दी लिख सकते हैं । बस इससे पहले आप कुछ जानकारी इस वेबपृष्ठ से ले लें- नारायम_टंकण देवनागरी_टंकण

जिसमें आपको इस उपकरण का उपयोग करने की पूरी जानकारी मिलेगी। यह उपकरण उपयोग करने में अत्यन्त सरल है जिसे हज़ारो एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के सदस्य उपयोग करके संगणक पर हिन्दी लिखना सीख चुके हैं।

मैं एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर लेखों का योगदान क्यों दूँ, इससे मुझे क्या लाभ मिलेगा?

याद रखें कि एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म कोई व्यवसायिक संस्था नहीं अपितु एक ऐसी सामाजिक परियोजना है जिसे आप, मैं एवं हम सब लोग ज्ञानप्रसार के लिए चलाते हैं । यह हम सब का एक सामूहिक प्रयास है ज्ञान को अपनी मातृ भाषा में सुरक्षित रखने का एवं हिन्दी का वर्चस्व बनाए रखने का । वैसे भी ज्ञान तो बाँटने से बढ़ता है। तो क्या आप अपने ज्ञान का प्रसार नहीं करना चाहेंगे? आप एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर अपने महत्त्वपूर्ण ज्ञानार्जन को लेख बनाकर सुरक्षित रख पाएंगे अन्यथा समय के साथ आपके द्वारा परिश्रम से एकत्रित किया गया ज्ञान क्षीण होता-होता लुप्त हो जायेगा जिसे पुन: प्राप्त करने में आप कदाचित् उतना प्रयास या परिश्रम नहीं लगा पाएंगे । यदि इस सामूहिक प्रयास में हम सब अपना ज्ञान बाँटेगें तो इससे ज्ञान का एक ऐसा समन्दर बन जाएगा जिससे हम ही नहीं अपितु हमारी आने वाली पीढ़ियां भी अपनी ज्ञान की प्यास बुझा पाएँगी । हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के रूप में हम अपने ज्ञान को जो सदियों से न बाँटने के कारण लुप्त होता जा रहा है अपनी मातृ भाषा में सुरक्षित रख सकते हैं । सोचिए , यदि हम सब मिलकर यह प्रयास करेंगे तो इससे भारतवर्ष के हर हिन्दी भाषी को उसकी मातृ भाषा में बिल्कुल निशुल्क और हर समय एवं हर प्रकार की सूचना उपलब्ध रहेगी । अंग्रेज़ी भाषियों ने तो ऐसा कर दिखलाया है, तो क्या हम जैनसमाज के लोग ऐसा नहीं कर सकते?

हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का इतिहास एवं वर्तमान स्त्तर

हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म, एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का हिन्दी भाषा का संस्करण है, जिसका स्वामित्व दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान- जम्बूद्वीप , हस्तिनापुर ( मेरठ--उत्तरप्रदेश ) के पास है। हिन्दी संस्करण अप्रैल २०१३ में आरम्भ किया गया, और वर्तमान में यह ६६९ लेखों, ० सक्रिय प्रयोक्ताओं, एवं ३५२ कुल प्रयोक्ताओं के साथ यह हिंदी एवं अंग्रेजी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का सबसे बड़ा संस्करण है।

हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म को मुख्यतः दिगम्बर जैनिज्म पर हिन्दी भाषी लोगो की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिया बनाया गया है । चूंकि हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म इण्डिक स्क्रिप्ट देवनागरी का प्रयोग करता है इसलिए इसमें जटिल - कठिन पाठ के संपादन हेतु प्रतिपादन सहायक की आवश्यकता पड़ती है जिसके लिए यहां पर ध्वन्यात्मक रोमन वर्णमाला परिवर्तक उपलब्ध है अत: यहाँ देवनागरी(हिन्दी) लिखना अत्यंत सरल है ।

क्या एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर मेरे द्वारा डाली गई जानकारी सुरक्षित रहेगी एवं क्या एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर उपलब्ध जानकारी प्रमाणिक होती है, क्योंकि एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर तो कोई भी सम्पादन कर सकता है?

जी हाँ! बिल्कुल, यदि आपके द्वारा डाली गई जानकारी अथवा आपके द्वारा बनाया गया लेख जैनधर्म के ज्ञानकोष की शैली के अनुरूप है तो वह अवश्य सुरक्षित रहेगा । यदि कोई अन्य सदस्य आपकी इस जानकारी अथवा लेख को हटाता या खराब करता है तो आप उसे पुन: पहले वाली अवस्था पर ला सकते हैं अन्यथा हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के प्रबन्धकों अथवा सक्रिय सदस्यों की सहायता ले सकते हैं । हाँ , यदि कोई अन्य व्यक्ति आपके द्वारा बनाये गए लेख को और विकसित करना चाहता है तो उसे इसका पूर्ण अधिकार है परन्तु यदि वह कोई आपत्तिजनक सामग्री डालता है तो आप उससे चर्चा कर सकते हैं और यदि चर्चा में वह गलत सिद्ध होता है तो आप उस सामग्री को हटा सकते हैं और यदि वह या कोई अन्य सदस्य उस सामग्री को बार-बार डालकर आपके लेख को खराब करता है तो उस सदस्य को प्रबंधकों की मदद से सम्पादन अधिकार से वंचित भी किया जा सकता है। अत: आप निर्भय होकर हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर अपना योगदान दें। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर यह पूर्ण प्रयास किया जाता है कि लेखों को गलत तथ्यों से बचाया जा सके ।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लाभ

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के निम्नलिखित लाभ हैं:

  • एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म हिन्दी और अंग्रेज़ी में बनाया जा रहा है, तथा हम और आप सभी मिलकर इसे बना रहे हैं । जिस किसी की भी इण्टरनेट तक पहुंच है वह एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर लिख सकता है और लेखों का सम्पादन कर सकता है।
  • विकि स्वरूप के कारण लेखों की कड़ियों को शब्दों के साथ जोड़ना सरल है, इससे न केवल लेख के बारे में जानकारी मिलती है, बल्कि उससे जुड़ी अन्य रोचक जानकारियां भी प्राप्त होती हैं।
  • एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में बहुत तेज़ी से समसामयिक विषयों के बारे में लेखों का विकास हो सकता है ।
  • गूगल और अन्य खोज इञ्जनों में खोज करने पर एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लेख, परिणामों में प्रमुखता से उभरते हैं। स्पष्ट है कि हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के विकास से इण्टरनेट पर हिन्दी का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या में भी वृद्धि होगी। लोगों को हिन्दी का उपयोग करने हेतु एक और मंच मिलेगा।
  • एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म एक ऐसा मंच है जो शिकायत का अवसर नहीं देता है, बल्कि आपको अपनी ही शिकायत दूर करने का अवसर देता है। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी अधूरी है या गलत है, तो आप तुरन्त मुख्य कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं ।

हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म से सम्बन्धित किसी प्रकार की सहायता या कोई समस्या आने पर मैं कहां सम्पर्क करुं?

हिन्दी विकिपीडीया में सम्पादन से सम्बन्धित या किसी अन्य समस्या के आने पर आप - admin@encyclopediaofjainism.com पर मेल कर सकते हैं ।

मैंने अंग्रेज़ी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लिए एक लॉगईन बनाया है। क्या मैं हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लिए भी उसी लॉगईन का उपयोग कर सकता हूँ?

अभी आपको दोनों विकी पर अलग - अलग खाते बनाने होंगे , और अलग- अलग ही लाॅग इन करना होगा ।

मुझे भी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में योगदान देना है, मैं कैसे करूँ

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर आपका स्वागत है। आप जैसे विचारकों के कारण ही एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म का विकास हुआ है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर योगदान के कई तरीके हैं। कुछ यहाँ सुझाये गये हैं।

गलतियाँ सुधारें

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर लेख पढते समय अक्सर ही लोग पाते हैं कि "कुछ सही नहीं है"। यह गलतियाँ हो सकती हैं - कड़ियाँ, मात्रायें, व्याकरण या जानकारी आदि । फिर वे तुरन्त ही बदलें बटन को क्लिक करते हैं और गलती सही कर देते हैं । लगभग हर एक योगदान करने वाले की शुरुआत की यही कहानी है । अगर आपको यह पता नहीं है क्या सही है, या आपको कुछ अन्देशा है तो पहले आप उस लेख के संवाद पृष्ठ पर चर्चा कर लें। लेख के संवाद पृष्ठ पर जाएँ, "+" बटन को क्लिक करें। अपने चर्चा का शीर्षक दें, और चर्चा आरम्भ कर दें। और हाँ, अपना हस्ताक्षर और समय देना न भूलें, उसके लिए ~~~~ का प्रयोग करें।

नए लेख आरम्भ करें

देखे: मीडियाविकि:नया पन्ना कैसे आरम्भ करें तथा मीडियाविकि:लेख का नाम कैसे रखें

नया लेख आरम्भ करना काफी महत्त्वपूर्ण काम है। विशेषतः जब कई लेख किसी खाली पन्ने से जुडे हों।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म लेखों मे अक्सर ही कई कड़ियाँ होती है। यह नीली होती है अगर कड़ी का लेख एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में है तो (या जामुनी, अगर आपने उस कड़ी को क्लिक किया है)। अगर कड़ी का लेख एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में नहीं है तो कड़ी का रंग लाल होता है। लाल कड़ी को क्लिक करने से नए लेख का पन्ना मिलता है। वहाँ आप नए लेख को लिखें और अपने योगदान को सुरक्षित कर दें। आपका धन्यवाद, आपने एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में नया पन्ना जोड़ दिया ।

कई बार गलत वर्तनी (spelling) के कारण भी लेख नदारद पाया जाता है। नए लेख को बनाने से पहले देख लें कि कही वर्तनी तो गलत नहीं । ऐसा हो तो वर्तनी सही कर दें, कड़ी नीली हो जानी चाहिए। समानार्थ शीर्षक वाले लेखों को जोड़ने के लिए आप पुनर्निर्देशन (Redirect) का प्रयोग करें। उदाहरण के लिए देखे: [बनारस]। यहाँ लेख पर विशेष कमाण्ड है: #REDIRECT [[वाराणसी]], सो बनारस लेख अपनी कड़ी को वाराणसी लेख पर भेज देता है। ऐसा इसलिए क्योकि बनारस और वाराणसी एक ही शहर के दो नाम हैं। इसके अतिरिक्त हिन्दी में एक ही शब्द की कई वर्तनियाँ हो सकती हैं, ऐसे में सामान्य वर्तनी वाले नाम को शुद्ध परम्परागत नाम वाले पन्ने पर पुनर्निर्देशित कर देना चाहिये।

मेरे लेखों को दूसरों ने बदल दिया

आपके लेखों को दूसरों के द्वारा बदला जाना इस बात को दर्शाता है कि लेख लोकप्रिय है। आप चाहेंगे कि जिसने भी उस लेख को बदला है उनसे वार्ता आरम्भ करें। आप लेख के संवाद पृष्ठ या योगदान करने वाले सदस्य के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। आप बदलाव के लिए आभार प्रकट करना चाहेंगे या बदलाव के विषय में अधिक जानकारी की माँग करना चाहेंगे। पारस्परिक संवाद से लेखों को सुधरते हुए पाया गया है।

अगर मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है तो भी क्या मैं योगदान दे सकता हूँ?

आपके पास जितनी भी जानकारी है एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर दें। अपने लेख के साथ {{stub}} जोड दें। जो उस लेख के बारे मे पूरी जानकारी रखते हैं, वे उसे पूरा कर देंगे। ऐसा करने में कुछ वक्त लग सकता है मगर कम से कम कुछ जानकारी तो उपलब्ध रहेगी।

मेरे व्यक्तिगत विचार क्यों लेखों में से हटा दिए गए?

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म निष्पक्ष और प्रमाणित जानकारी देने पर जोर देता है। व्यक्तिगत विचार पक्षपात और विवादों को जन्म देते हैं । एन्साक्लोपीडिया आफ जैनिज्म पर आप जानकारी दें, अपने विचार नहीं । हाँ , किसी व्यक्तित्व के लेख में आप यह लिख सकते हैं कि उनके योगदान क्या हैं, मगर उन योगदानों पे अपनी राय देने से बचें ।


मै किसी लेख को उसके स्रोत की कड़ी के साथ कैसे जोड़ सकता हूँ?

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लेखों को आप इण्टरनेट के विश्वस्त स्रोतों की कड़ियों से आसानी से जोड़ सकते हैं और ऎसा करना मानक भी है। ऎसा स्वचालित रूप से करने के लिए आप <ref> और <cite news> के विशेष टैग का इस्तेमाल कर सकते हैं । आपको लेख में जहाँ यह स्रोत की कड़ी दिखानी है वहाँ निम्न पंक्तियाँ लिख दें- ==सन्दर्भ== <div class="references-small"> <references/> </div> आम तौर पर यह सन्दर्भ कड़ियाँ मुख्य लेख के बाद तथा इन्हें भी देखें नामक अनुभाग से पहले दी जाती हैं ।

<cite news>साँचे के प्रयोग की विधि यहाँ है। इसके सम्पूर्ण उदाहरण के लिए आप फ्लोयड-लैनडिस-टॉक्ट्ट लेख के सम्पादन योग्य सूत्र को यहाँ देखे।

मै लेख पर चित्रों को कैसे लगा सकता हूँ?

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म मे जानकारी उपलब्ध हो तब तक आप देखे - Picture_tutorial और en:Help:Contents/Images and media

मैं समान विषय के लेखों को आपस में कैसे जोड़ सकता हूँ?

समान विषय के लेखों को आपस मे जोड़ने के कई तरीके हैं।

उप-शीर्षक यह भी देखें का प्रयोग

उप-शीर्षक ''यह भी देखें'' का प्रयोग करें । इसमें आप अन्य लेखों की कड़ी दे सकते हैं । उदाहरण के लिए देखें: उदाहरण

साँचों का प्रयोग

साँचे विशेष लेख होते हैं, यह विषय-वस्तु (content) को एक से अधिक लेखों पर दोहराने का सरल उपाय है । इसे उप-लेख भी माना जा सकता है। साँचों के नाम "Template:" से शुरू होते हैं (जैसे: साँचा:तीर्थ एवं मंदिर)। इस उप-लेख को लेख पर डालने के लिए उप-लेख का नाम कोष्ठक {{ के अन्दर लिखें । (जैसे: {{तीर्थ एवं मंदिर}})। साँचे के प्रयोग के उदाहरण के लिए देखें:ज्ञानमती माताजी लेख ।


श्रेणी का प्रयोग

हर लेख को आप एक या एक से अधिक श्रेणी मे डाल सकते हैं। लेख को श्रेणी मे डालने के लिए विशेष कमाण्ड "[[श्रेणी: लेख की श्रेणी]]" का प्रयोग करें। जहाँ, लेख की श्रेणी उस श्रेणी का नाम है जिसमे लेख को डालना चाहते है। उदाहरण के लिए देखें: अयोध्या लेख, यह तीर्थ और मंदिर श्रेणी में शामिल है।

श्रेणी में लेख क्रमबद्ध होते हैं , और श्रेणी खुद भी किसी अन्य श्रेणी की उप-श्रेणी हो सकती है। उदाहरण के लिये श्रेणी:फोटो गैलरी नामक श्रेणी, श्रेणी:गैलरी नामक श्रेणी की उपश्रेणी है।

मैं समान शीर्षक वाले लेख कैसे बना सकता हूँ?

जो शीर्षक अनेक अर्थ के लिए प्रयोग किए जा सकते है, उन्हें बहुविकल्पी शब्द कहा जाता है । उदाहरण के लिए देखें: सम्यग्ज्ञान, सम्यग्ज्ञान शीर्षक रत्नत्रय में से एक रत्न है तथा जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर से प्रकाशित होने वाली एक मासिक पत्रिका भी है , अतः सम्यग्ज्ञान शब्द रत्नत्रय का एक अंग और एक पत्रिका को दर्शाता है ।ऐसे शीर्षकों को अलग करने के लिए सभी लेखों के शीर्षकों को विस्तार से बताना होता है, जैसे: सम्यग्ज्ञान रत्न और सम्यग्ज्ञान पत्रिका । बहुविकल्पी शब्द के पन्ने पर साँचा:बहुविकल्पी शब्द का प्रयोग करें (जोड़ें: {{बहुविकल्पी शब्द}}) और सभी प्रासंगिक लेखों की सूची उस पन्ने पर दे दें ।

नया पृष्ठ कैसे आरम्भ करें?

नया पन्ना आरम्भ करने के लिये जिस शीर्षक से आप लेख बनाना चाहते हैं, खोज बक्से में लिखकर खोजें । यदि उस शीर्षक से पहले लेख न होगा तो नया लेख बनाने का विकल्प आ जायेगा। जैसे की चित्रानुसार यदि आप भारत के ऊपर लेख खोजना चाहते है तो आप सर्च बाक्स में जैसे ही भारत लिखना शुरू करेंगे वैसे ही आपको इसके अक्षरों के अनुसार नीचे विकल्प दिखाई देंगे, जैसे आपने भ भरा तो भ से शुरु होने वाले लेख दिखाई देंगे, परन्तु सूची लम्बी होने पर आप इसे खोज कर भी ढूँढ सकते हैं ।

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर नया लेख बनाते समय पहले ये सुनिश्चित कर लें कि इस विषय पर वैकल्पिक नाम अथवा वर्तनी से पहले से लेख न हो। हिन्दी में वर्तनी की विविधता के कारण हो सकता है सामान्य खोज में आपके द्वारा सोचा गया नाम न आये, इसलिये अन्य वैकल्पिक वर्तनी के साथ खोज करें। उदाहरण के लिये यदि आप भगवान महावीर नाम से लेख बनाने जा रहे हैं तो पहले यह खोज लें कि भगवान महावीर नाम से लेख मौजूद तो नहीं है।

'लॉग इन' कैसे करें?

आप एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर लॉग-इन बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। अगर आप अंग्रेज़ी एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म पर हैं, तो

  • 1. अपने वेब पेज ब्राऊजर के एड्रेस बार पर 'hi.encyclopediaofjainism.com' लिखें।
  • 2. फिर वेब पेज के उत्तर-पूर्व की दिशा पर बने हुए टैब-बार पर 'Log In' (या लॉग इन) पर क्लिक करें।
  • 3. अपना यूज़र-नेम एवं पास-वर्ड टाइप करें।
  • 4. लॉग इन पर क्लिक करें।

अगर आप पहले से ही हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया पर है तो पहले स्टेप को स्किप करें ।

किसी दूसरी वैबसाइट से लेख कॉपी करने पर मुझे कचरा अक्षर दिखायी देते हैं। इसका क्या कारण है और मैं क्या करूँ ?

हिन्दी की ज़्यादातर वैबसाइटों पर ऐसे फॉन्टों का प्रयोग किया है जो कि कंप्यूटर के अंतर-राष्ट्रीय मानकों के अनुसार नहीं बनाये गये हैं। इसकी वजह से हर फॉन्ट में एक ही अक्षर के लिये अलग - अलग कोड का प्रयोग किया गया है । इसकी वजह से एक जगह से दूसरी जगह अक्षरों को कॉपी-पेस्ट करने पर कचरा अक्षर दिखायी देते हैं । पिछले कुछ सालों में दुनिया के अग्रणी कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने और बड़ी कंप्यूटर कंपनियों ने एक अंतर-राष्ट्रीय मानक तय किया है जिसे यूनिकोड कहते हैं । भविष्य में हिन्दी में सभी काम यूनिकोड में ही होगा। नॉन-यूनिकोड फॉन्ट के लेखों को यूनिकोड मे बदलने के लिये कई मुफ्त टूल्स मौजूद हैं । जैसे माइक्रोसॉफ्ट का इंडिक फॉट ट्रांस्लिटरेशन (लिप्यंतरण) टूल - टिबिल। ज़्यादा जानकारी के लिये देखें - टिबिल। इसके अतिरिक्त दो अन्य टूल परिवर्तन तथा रूपांतर भी इस कार्य हेतु प्रयुक्त किए जाते हैं ।