ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|

ENCYCLOPEDIA:स्वशिक्षा

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
परिचय   सम्पादन   रूपरंग   ENCYCLOPEDIA जोड़   सन्दर्भ और स्रोत   संवाद पृष्ठ   ध्यान रखें   पंजीकरण    

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म लेख-सम्पादन स्वशिक्षा

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म कई सदस्यों के सहयोग से बना एक मुक्त ज्ञानकोष है जिसमें आप अपना योगदान आसानी से दे सकते हैं। यह पाठ आपको एक एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में योगदानकर्ता बनने में सहायता करेगा।

इस पाठ के पन्ने आपको एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लेख लिखने के उचित तौर-तरीकों से अवगत कराएंगे, यानी लेख कैसे लिखे जाने चाहिए और क्या सामग्री उचित-अनुचित है। यह पाठ आपको एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म सदस्य-समाज, नीतियों और व्यवहार के बारे में भी बताएगा ।

यह एक आधारिक पाठ है, और इसमें बारीक़ विषयों पर विस्तृत जानकारी नहीं है। ऐसी चीज़ों पर ज्ञान आपको अन्य पृष्ठों पर मिलेगा जिनके लिए स्थान-स्थान पर जोड़ (लिंक) दिए गए हैं। उन्हें पढ़ने के लिए, आप उन्हें अपने ब्राउज़र पर अन्य टैबों में खोल सकते हैं।

सीखते-सीखते आप प्रयोगस्थल ("सैण्डबॉक्स") पन्नों पर प्रयोग कर सकते हैं। इनमें आप मनचाहे फेर-बदल कीजिए और जैसे चाहे प्रयोग कीजिए! कोई रोकेगा-टोकेगा नहीं, और इनमें चाहे आप जितनी ही उलटी-सीधी खिचड़ी पकाएँ, किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी और कोई बुरा नहीं मानेगा।

आइए, सम्पादन के बारे में सीखें!


अगला: चलो, संपादन सीखें