दश लक्षण सम्बन्धी भजन

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पर्व दश लक्षण आया है

क्षमा धर्म से अपनी

धर्म मार्दव को जिसने

हे नाथ आपसे मैं वरदान एक

सत्य धर्म जब पालन होगा

जिस गति में न उत्तम

उत्तम संयम के पालन से

हे वीतराग

त्याग लेने का मन करता है

धर आकिंचन्य धर्म

ब्रहाम्चर्य व्रत को निभाना

दश धर्मों के पुण्यों से