दस लक्षण धर्म सम्बंधित भजन

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पर्व दश लक्षण आया

क्षमा धर्म से अपनी

धर्म मार्दव को जिसने

हे नाथ आपसे मैं वरदान एक

सत्य धर्म जब पालन होगा

जिस गति में ने उत्तम

उत्तम संयम के पालन से

हे वीतराग

त्याग लेने का मन करता है

धार अकिंचन धर्म

ब्रह्मचर्य व्रत को निभाना

दश धर्मों के पुण्यों से

गौतम गंधर की वाणी सुनो

गौतम गंधर वाणी

ए होली मेसेज हैज कम

दे दी जगत को ज्ञानमती मात सी मिसाल

मांगी तुंगी सिद्ध क्षेत्र पर

जन्म जयंती का आया है शुभ अवसर

जयति जय ज्ञानमती जी

पंचम काल में पहला स्वर्णिम

सबसे ऊँची प्रतिमा हमे