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देव पूजा विधि व सामायिक


देव पूजा विधि व सामायिक

(श्री पूज्यपाद स्वामी कृत पंचामृत अभिषेक के आधार से)

नित्यपूजा की विधि आगम के आधार से-‘‘पंचामृत अभिषेक पाठ संग्रह’’ पुस्तक में प्रकाशित श्री पूज्यपाद स्वामी द्वारा रचित ‘‘पंचामृत अभिषेक’ और उसमें क्षेत्रपाल, दिक्पाल का आह्वानन देखकर मुझे आचार्यश्री शांतिसागर जी की परम्परा में प्रचलित वर्तमान में प्रसिद्ध-बीसपंथ आम्नाय पर बहुत ही श्रद्धा बढ़ गई। इसमें पंद्रह अभिषेक पाठ संगृहीत हैं प्राय: सभी आचार्यों द्वारा लिखित होने से प्रामाणिक हैं। मात्र पंडितप्रवर आशाधर जी द्वारा रचित अभिषेक पाठ ही श्रावक द्वारा रचित है। फिर भी ये आशाधर जी भी बहुत ही प्रामाणिक महापुरुष माने गये हैं, इनके द्वारा बनाये गये ‘अनगारधर्मामृत’ आदि ग्रंथ मुनियों को भी मान्य हैं। इन सभी में सर्वप्रथम लिया गया श्री पूज्यपादस्वामी का अभिषेक पाठ मुझे बहुत अच्छा लगा और आबाल-गोपाल तक प्रसिद्ध करने की इच्छा रही। मैंने सन् १९७६ में इंद्रध्वज विधान को छपाते समय उसमें यह अभिषेक पाठ ज्यों का त्यों संस्कृत का ही दे दिया था। मेरे मन में कई वर्षों से यह इच्छा थी कि मैं इसका पद्यानुवाद कर दूं तो सबके लिये सरल हो जाय। सन् १९८७ में मैंने इसका पद्यानुवाद किया। इसमें श्लोकों का भावानुवाद है और मंत्र ज्यों के त्यों दिये गये हैं।

क्रमशः... </center>