02.चौबीस स्थानों में गुणस्थान

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चौबीस स्थानों में गुणस्थान

गति-मार्गणा

क्रम गति गुणस्थान विवरण
1. नरक गति चार पहले से चौथे तक
2. देव गति चार पहले से चौथे तक
3, तिर्यब्ज गति पांच पहले से पांचवे तक
4. मनुष्यगति चौदह पहले से चौदहवें तक


इन्द्रिय-मार्गणा

क्रम गति गुणस्थान विवरण
1. एकेंद्रिय से चतुरिन्द्रिय तक दो पहला, दूसरा
2. पंचेंद्री चौदह पहले से चौदहवें तक

काय-मार्गणा

क्रम काय गुणस्थान विवरण
1 पृृथ्वी,जल,वनस्पती-कायिक दो पहला- दूसरा गुणस्थान
2 अग्नि- वायुकायिक एक पहला गुणस्थान
3 त्रसकायिक चौदह पहले से चौदहवें तक

योग- मार्गणा

क्रम योग गुणस्थान विवरण
1 सत्य-अनुभय मनोयोग 13 पहले से तेरहवें तक
2 सत्य अनुभय वचनयोग 13 पहले से तेरहवें तक
3 औदारिक काययोग 13 पहले से तेरहवें तक
4 असत्य उभय मनोयोग 12 पहले से बारहवें तक
5 असत्य उभय वचनयोग 12 पहले से बारहवें तक
6 औदारिक मिश्र काययोग 4 पहला, दूसरा, चौथा और तेरहवाँ
7 कार्मण काययोग 4 पहला, दूसरा, चौथा और तेरहवाँ
8 वैक्रियिक काययोग 4 हले से चौथे तक
9 वैक्रियिक मिश्र काययोग 2 पहला, दूसरा, चौथा
10 आहारक द्विक 1 छठा

वेद- मार्गणा

क्रम वेद गुणस्थान विवरण
1 तीनों वेद नौ पहले से नौवें तक

कषाय- मार्गणा

क्रम कषाय गुणस्थान विवरण
1 अनंतानुबंधीचतुष्क दो पहला'-दूसरा'
2 अप्रत्याख्यानावरण चतुष्क चार चौथे तक
3 प्रत्याख्यानावरण चतुष्क पाँच पाँचवें तक
4 संज्वलनत्रिक नौ पहले से नवम तक
5 संज्वलन लोभ दस पहले से दसवें तक
6 हास्यादि षट्‌कषाय आठ पहले से आठवें तक
7 तीन वेद नौ पहले से नवम तक

ज्ञान- मार्गणा

क्रम ज्ञान गुणस्थान विवरण
1 कुमति, कुश्रुत, कुअवधि दो पहला, दूसरा
2 मति-सुत-अवधि नौ चौथे से बारहवें तक
3 मनःपर्ययज्ञान सात छठे से बारहवें तक
4 केवलज्ञान दो तेरहवाँँ चौदहवाँ

संयम- मार्गणा

क्रम संयम गुणस्थान विवरण
1 असंयम चार पहले से चौथे तक
2 संयमासंयम एक पाँचवाँ
3 सामायिक-छेदोपस्थापना चार छठे से नवम तक
4 परिहारविशुद्धि दो छठा-सातवाँ
5 सूक्ष्मसाम्पराय एक दसवां
6 यथाख्यात चार ग्यारहवें से चौदहवें तक

दर्शन- मार्गणा

क्रम दर्शन गुणस्थान विवरण
1 चक्षु- अचक्षु दर्शन बारह पहले से बारहवें तक
2 अवधि दर्शन दस तीसरे से बारहवें तक
3 तीसरे से बारहवें तक दो तेरहवां चौदहवां

लेश्या - मार्गणा

क्रम लेश्या गुणस्थान विवरण
1 कृष्ण- नील- कापोत चार पहले से चौथे तक
2 पीत-पद्य सात पहले से सातवें तक
3 शुक्ल तेरह पहले से तेरहवें तक

भव्य-मार्गणा

क्रम भव्य गुणस्थान विवरण
1 भव्य 14 पहले से चौदहवें तक
2. अभव्य 1 पहला

सम्यक्त्व-मार्गणा

क्रम सम्यक्त्व गुणस्थान विवरण
1 क्षायिक ग्यारह चौथे से चौदहवें तक
2 क्षायोपशमिक चार चौथे से सातवें तक
3 औपशमिक आठ चौथे से ग्यारहवें तक
4 सासादन सम्यक्त्व एक दूसरा
सम्यग्मिथ्यात्व एक तीसरा
6 मिथ्यात्व एक पहला

संज्ञी-मार्गणा

क्रम संज्ञी गुणस्थान विवरण
1 संज्ञी बारह पहले से बारहवें तक
2 असंज्ञी दो पहला-दूसरा

आहारक-मार्गणा

क्रम आहारक गुणस्थान विवरण
1 आहारक तेरह पहले से तेरहवें तक
2 अनाहारक पाँच पहला, दूसरा, चौथा, तेरहवीं, चौदहवीं

गुणस्थान

नोट : गुणस्थानों का कथन स्वकीय रूप होगा । अर्थात् जिस गुणस्थान का कथन है वही गुणस्थान होगा ।

जीवसमास

अ. जीवसमास गुणस्थान विवरण
1 नित्य निगोद सूक्ष्म एक पहला
2 नित्य निगोद बादर एक पहला
3 इतर निगोद सूक्ष्म एक पहला
4 इतर निगोद बादर एक पहला
पृथ्वीकायिक सूक्ष्म एक पहला
6 जलकायिक सूक्ष्म एक पहला
7 अग्निकायिक सूक्ष्म एक पहला
8 अग्निकायिक बादर एक पहला
9 वायुकायिक सूक्ष्म एक पहला
10 वायुकायिक बादर एक पहला
जीवसमास गुणस्थान विवरण
1 पृथ्वीकायिक बादर दो पहला-दूसरा
2 जलकायिक बादर दो पहला-दूसरा
3 सप्रतिष्ठित वनस्पति दो पहला-दूसरा
4 अप्रतिष्ठित वनस्पति दो पहला-दूसरा
5 द्वीन्द्रिय दो पहला-दूसरा
6 त्रीन्द्रिय दो पहला-दूसरा
7 चतुरिन्द्रिय दो पहला-दूसरा
8 असंज्ञी पंचेन्द्रिय दो पहला-दूसरा
स. जीवसमास गुणस्थान विवरण

पर्याप्ति

क्रम पर्याप्ति गुणस्थान विवरण
1 (चार तथा पाँच) आहार, शरीर, इन्द्रिय, श्वासोच्छवास, भाषा एक पहला
आहार, शरीर, इन्द्रिय श्वासोच्छास, भाषा, मन चौदह पहले से चौदहवें तक

प्राण

क्रम प्राण गुणस्थान विवरण
1 1 एक चौदहवाँ
2 1 एक तेरहवाँ
3 4 तीन पहला, दूसरा, तेरहवाँ
4 3,५,6 दो पहला-दूसरा
5 8,9 एक पहला
6 7 चार पहला, दूसरा, चौथा, छठा
7 10 बारह पहले से बारहवें तक

संज्ञा

क्रम संज्ञा गुणस्थान विवरण
1 आहार छह पहले से छठा
2 भय आठ पहले से आठवाँँ
3 मैथुन नौ पहले से नौवाँ
4 परिग्रह दस पहले से दसवाँँ

उपयोग

क्रम उपयोग गुणस्थान विवरण
1 मति-सुत-अवधि ज्ञानोपयोग नौ चौथे से बारहवें तक
2 मनःपर्यय ज्ञानोपयोग सात छठे से बारहवें तक
3 केवलज्ञानोपयोग दो तेरहवां - चौदहवाँ

जाति

क्रम उपयोग गुणस्थान विवरण
1 28 लाख (इतर निगोद,नित्यनिगोद, अग्निकायिक वायुकायिक) एक पहला
2 3० लाख (पृथ्वी, जल,वनस्पतिकायिक, विकलत्रय) दो पहला ,दूसरा
3 4 लाख (पंचे. तिर्यंच) पाचँँ पहले से पाँचवें तक
4 8 लाख (देव-नारकी) चार पहले से चौथे तक
14 लाख (मनुष्य) चौदह पहले से चौदहवें तक

कुल

क्रम कुल गुणस्थान विवरण
1 1० लाख करोड़(अग्निकायिक, वायुकायिक) एक पहला
2 81 लाख करोड़(पृथ्वी. जल.वनस्पतिकायिक विकलत्रय) दो पहला ,दूसरा
3 43 - लाख करोड़(तिर्यंच पंचे.) पाचँ पहले से पाँचवें तक
4 51 लाख करोड़(देव नारकी) चार पहले से चौथे तक
14 लाख करोड़(मनुष्य) चौदह पहले से चौदहवें तक

दिक्चालन सूची