05.आर्थिक दृष्टि से शाकाहार ही श्रेष्ठ

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आर्थिक दृष्टि से शाकाहार ही श्रेष्ठ

प्राय : ऐसा कहा जाता है कि अण्डों से बहुत कम खर्च में प्रोटीन व पौष्टिकता प्राप्त होती है लेकिन यह एक मिथ्या प्रचार हैं । विभिन्न पदार्थों में प्रोटीन की प्रतिशत की जो तालिका पृष्ठ 10 पर दी गई है उसके अनुसार एक ग्राम प्रोटीन की कीमत इस प्रकार आती है ।

पदार्थ 1 ग्राम प्रोटीन की कीमत
अण्डे से 14 पैसे
गेहूँ से 4 पैसे
दालों से 3 पैसे
सोयाबीन से 2 पैसे
यदि ऊर्जा (कैलोरीज) की दृष्टि से देखें तो
100 कैलोरीज पर व्यय इस प्रकार आता है :
पदार्थ 100 कैलोरीज का व्यय
अण्डे से 90 पैसे
गेहूँ से 9 पैसे
दालों से 8 पैसे
सोयाबीन से 5 पैसे

अत : यह स्पष्ट हैं कि अण्डों की अपेक्षा दालों व अनाज से बहुत कम खर्च में प्रोटीन व ऊर्जा प्राप्त होती है, इसके अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण पदार्थ विटामिन, खनिज, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट इत्यादि अलग प्राप्त होते हैं जो मांसाहारी पदार्थों में प्राय: नहीं के बराबर हैं ।

अण्डा : जहर ही जहर लेखक डा. नेमीचन्द जैन, इन्दौर।

भारत सरकार के हैल्थ बुलेटिन न. 23 में स्पष्ट दिया हुआ हैं कि वनस्पति भोजन की कैलोरिफिक वैत्थू पशु भोजन से कहीं अधिक है ।

[१]आर्थिक दृष्टि से यह भी सारांश निकाला गया हैं कि मांस द्वारा एक किलोग्राम प्रोटीन प्राप्त करने के लिए पशु को 7 से 8 किलोग्राम तक प्रोटीन खिलाना पड़ता है । यह भी अनुमान लगाया गया हैं कि 1 पशु मांस कैलोरी प्राप्त करने के लिए 7 वनस्पति कैलोरी खर्च हाती हैं । अमेरिका के कृषि विभाग ने जो आंकड़े बनाए हैं उससे पता लगता हैं कि जितनी भूमि एक औसत पशु को चराने के लिए चाहिए उतनी से औसत दर्जे के पांच परिवारों का काम चल सकता है ।

एक औसत अमरीकी करीब 120 किलो मांस प्रतिवर्ष खाता है इसे प्राप्त करने के लिए करीब एक टन अनाज खर्च होता है । यदि वह सीधा 120 किलो अनाज खाए तो वर्ष भर आठ व्यक्तियों का कार्य चल सकता है । प्रोफेसर जार्ज बौर्गस्टौर्म के अनुमान के अनुसार केवल अमेरिका में पशु जगत जितनी वनस्पति फूड खर्च करता है उतनी में विश्व की आधी आबादी पेट भर सकती है । [२](Surrey) सरे (यू के.) के मि. नितिन मेहता के अनुसार अमेरिका व यूरोप की 90% कृषि भूमि पशुओं के चारे को उत्पन्न करने के लिए प्रयोग होती है । एक पशु के आहार का 90% प्रोटीन तो उसकी बद्त के लिए आवश्यक होता है केवल 10% ही मांस के रूप में शेष रह जाता है । मांसाहार में पशु का 44% भाग ही काम आता है इस प्रकार प्रति 16 किलो उस अनाज के बदले में जो पशु को खिलाया जाता है केवल 1 किलो मांस प्राप्त होता है । सीधे अनाज का आहार करने के लिए मानव को जितनी कृषि भूमि चाहिए, मांसाहार के लिए पशु भोजन के उत्पादन के रूप में उससे 14 गुनी अधिक कृषि भूमि की आवश्यकता होती है ।

टिप्पणी

  1. Human onchogene: Work done by Prof.R.A. Weinberg from Massachutts Hospital, U.S.A. and others
  2. Ahimsa Voice,july 89, Published by Sharman Sahitya Sanstan, Delhi.