17सितम्बर 2018 दशलक्षण धर्म के प्रवचन

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आज ऋषभदेवपुरम् में दशलक्षण पर्व के पावन अवसर पर भक्तों का ताता लगा है। भक्त, भगवान के दर्शन एवं पूज्य गणिनी ज्ञानमती माताजी के दर्शन करके बहुत ही हर्ष की अनुभूति कर रहे हैं। आज दशलक्षण पर्व का चतुर्थ दिवस है, उत्तम सत्य धर्म। पूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ने बहुत ही सुंदर प्रश्न सतयधर्म पर किया कि भारतीय मुद्रा पर कौन सी सूक्ति लिखी रहती है। भक्तों ने एक स्वर में कहा-सत्यमेव जयते। अर्थात् सत्य की हमेशा जीत होती है। पूज्य माताजी ने सत्य धर्म पर विस्तार से बताया कि सत्य अर्थात् समीचीन वचन बोलना चाहिए। ये वचन अमृत से भरे है, धर्म शून्य वचन को सदा छोड़ो, सत्य वचन का आश्रय लेना चाहिए, सत्य हमेशा प्रिय होता है। क्योंकि इस संसार के अंदर सुंदर वचन सर्वसिद्धि को देने वाले हैं। झूठ बोलकर जो व्यवहार में एक-दूसरे के साथ असत्य बोलते हैं, वे झूठे बोलकर भी झूठ को सत्य करके अपना कार्य बनाते हैं। इससे अनेक कार्य सिद्ध हो सकते हैं, लेकिन आत्म सिद्धि नहीं हो सकती है। जो सत्य बोलता है, सबके लिए आदर का पात्र बनता है। राजा हरिश्चन्द्र सत्यवादी थे, उनके सत्यता के कारण जग में प्रसिद्धि प्राप्त कर ली। सच्चाई छुप नहीं सकती, झूठे वसूलों से। खुशबु आ नहीं सकती, कभी कागज के पूâलों से।। सच्चा व्यक्ति हमेशा अच्छा माना जाता है, सत्य बोलने वाले को वचन सिद्धि हो जाती है। एक बच्चे से पूछा गया, मुम्बई का समुद्र कितना बड़ा है, उसने अपनी तोतली भाषा में कहा, बहुत बड़ज्ञ। भव्यात्माओं! इसी प्रकार से सत्य का सागर बहुत बड़ा है कि इसे मापा नहीं जा सकता, उसे केवल सत्य महाव्रत का पालन करने वाले ही पालन कर सकते हैं। सत्य की जड़ हमेशा हरी होती है। राजा वसु ने झूठ का सहारा लिया, जिससे उसका सिंहासन धंस गया। इसीलिए महानुभाव सत्य का हमेशा पक्ष रखना चाहिए। झूठ का पक्ष लेना महापाप है। तत्पश्चात् पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने गौतम स्वामी की चतुर्थकालीन वाणी सभी भक्तों को सुनाई। प्रतिदिन माताजी मंत्र का उच्चारण करवाती हैं। माताजी ने चतुर्थ अध्याय में श्रावक के ११ प्रतिमा के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। दर्शन प्रतिमा, व्रत प्रतिमा, सामायिक प्रतिमा, रात्रिभुक्ति त्याग प्रतिमा, सचित्तत्याग प्रतिमा, ब्रह्मचर्यप्रतिमा, आरंभप्रतिमा, परिग्रह त्याग ,अनुमतित्याग ,उदिष्ट त्याग प्रतिमा |तत्पश्चात माताजी ने सत्य धर्म पर प्रकाश डाला |