22.जिनपूजाष्टक प्रश्नोत्तरी

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जिनपूजाष्टक

प्रश्न ४६३—भगवान की पूजा में जल की तीन धाराएँ क्यों दी जाती हैं ?
उत्तर—जन्म, जरा और मरण ये तीन अत्यन्त संताप के देने वाले हैं, इन तीनों के विनाश के लिए जल की तीन धारा दी जाती हैं।

प्रश्न ४६४—भगवान को चन्दन क्यों चढ़ाते हैं ?
उत्तरसंसार के संताप को दूर करने के लिए चंदन चढ़ाया जाता है।

प्रश्न ४६५—जिनेन्द्र भगवान को अक्षत के पुञ्ज क्यों चढ़ाते हैं ?
उत्तर—जिनेन्द्रदेव ने समस्त इन्द्रियों को वश में करके अक्षय पद को प्राप्त कर लिया है उसी अक्षय पद की प्राप्ति हेतु भगवान को अक्षत चढ़ाते हैं।

प्रश्न ४६६—पुष्पों से पूजा क्यों करते हैं ?
उत्तरजिनेन्द्र भगवान ने उस कामदेव को भी अपने वश में कर लिया है जिसके आगे बड़े—बड़े योगी भी हार जाते हैं, पूजा में पुष्प चढ़ाते समय उन्हीं के विनाशन के लिए पुष्प चढ़ाया जाता है।

प्रश्न ४६७—नैवेद्य का क्या कार्य है ?
उत्तर—नैवेद्य इन्द्रियों के बल को बढ़ाने वाला है तथा खाने योग्य है।

प्रश्न ४६८—भगवान को नैवेद्य क्यों चढ़ाते हैं ?
उत्तर—संसार में रसना इन्द्रिय के वशीभूत होकर बहुत सारे पाप होते हैं उस क्षुधा रोग को नष्ट करने के लिए ही भगवान को नैवेद्य चढ़ाते हैं।

प्रश्न ४६९—भगवान के सामने दीपक क्यों जलाते हैं ?
उत्तर—जिस प्रकार अन्धकार के होने पर व्यक्ति को कुछ नहीं दिखता उसी प्रकार मोह रूपी अंधकार के होने पर प्राणी को वास्तविक तत्व का ज्ञान नहीं होता, उस मोहरूपी अंधकार के नाश करने के लिए दीपक जलाते हैं।

प्रश्न ४७०—भगवान के शरीर में प्रतिबिम्बित आरती की ज्वाला कैसी है ?
उत्तर—भगवान के शरीर में प्रतिबिम्बित आरती की ज्वाला ज्वाला न होकर ध्यानरूपी अग्नि है तथा वह बचे हुए समस्त घातिया कर्मों को नाश करने के लिए ढूँढ़ती फिर रही है।

प्रश्न ४७१—भगवान की पूजा में धूप क्यों जलाते हैं ?'
उत्तर—अष्ट कर्मों का नाश करने के लिए भगवान की पूजा में धूप जलाते हैं।

प्रश्न ४७२—फल से पूजा क्यों की जाती है ?
उत्तर—सबसे ऊंचे तथा उत्तम मोक्षफल के लिए श्रीजिनेन्द्र भगवान की पूजा की जाती है।

प्रश्न ४७३—भगवान की पूजा क्यों की जाती है ?

उत्तर—भगवान की पूजा अपने कल्याण के लिए की जाती है।