12. सेनापति रत्न-जयकुमार का संक्षिप्त परिचय

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सेनापति रत्न - जयकुमार का संक्षिप्त परिचय

जन्मभूमि - हस्तिनापुर नगर

पिता - राजा सोमप्रभ

माता - लक्ष्मीमती

चाचा - राजा श्रेयांस

लौकिक पद - भरत चक्रवर्ती के सेनापति रत्न

ससुराल - वाराणसी नगरी

ससुर - राजा अकंपन

सास - सुप्रभा देवी

स्वयंवर विधान - अनादिसिद्ध स्वयंप्रभा का प्रादुर्भाव, स्वयंवर में सुलोचना द्वारा जयकुमार का वरण

जयकुमार वरण विरोध - भरत पुत्र अर्वकीर्ति द्वारा विरोध, युद्ध प्रसंग, जयकुमार की विजय

संकट निवारण - गंगानदी में मगर द्वारा जयकुमार के हाथी का पकड़ा जाना पुन: सुलोचना के ध्यान के प्रभाव से गंगा देवी द्वारा रक्षा होना

पारमार्थिकपद - भगवान ऋषभदेव के समवसरण में इकहत्तरवें गणधर (दिगम्बर महामुनि)

सुलोचना पट्टदेवी - आर्यिका दीक्षा, ग्यारह अंग के ज्ञान से विभूषित

परलोकगमन - जयकुमार का मुक्तिलाभ, सुलोचना को स्वर्ग लाभ।